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कैप नंबर-122 वैभव सूर्यवंशी, 37 साल पुराना सचिन का रिकॉर्ड:इंटरनेशनल डेब्यू करने पर सबसे पहले पिता बोले- कोई प्रेशर नहीं लेना है, अपना गेम खेलो


वैभव सूर्यवंशी ने शनिवार को अपना इंटरनेशनल डेब्यू किया था। इसी के साथ वैभव ने सचिन तेंदुलकर का 37 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया है। क्रिकेट में हर नए खिलाड़ी को पहले इंटरनेशनल मैच से पहले डेब्यू कैप दी जाती है। यह सम्मान उसके देश के लिए पहली बार खेलने का प्रतीक होता है। वैभव सूर्यवंशी को कैप नंबर 122 मिली है। इस खुशखबरी को सबसे पहले वैभव ने अपने पापा को दी। वैभव के पापा संजीव सूर्यवंशी ने उन्हें मैच में बिना प्रेशर लिए खेलने की सलाह दी। वैभव के पापा ने मैच से पहले दी थी सलाह वैभव सूर्यवंशी ने कैप मिलने के बाद कहा, ‘काफी अच्छा लग रहा है। किसी के लिए भी टीम इंडिया में खेलना ही बहुत बड़ी बात है। मेरे लिए यह एक प्राऊड मोमेंट है। सबसे पहले मैंने ये बात अपने पापा को बताई। फिर मैंने अपनी मम्मी और कोच रोमी सर के अलावा साथ रहने वाले लोगों को यह खुशखबरी सुनाई।’ वैभव ने आगे कहा, ‘पापा ये बात सुनकर काफी खुश हुए। उन्होंने मुझे यही सलाह दी कि जो करते आ रहे हो वही करो। कोई प्रेशर नहीं लेना है। बस अपना गेम खेलते रहना है।’ निडर होकर अपना क्रिकेट खेलो वैभव को तिलक वर्मा ने डेब्यू कैप दिया था। तिलक वर्मा ने वैभव को कैप के साथ बधाई देते हुए कहा, ‘फैमिली और तुम्हारे लिए ये बहुत ही प्राऊड मोमेंट है। उन्होंने तुम्हारे पीछे काफी मेहनत की है। तुमने यह कैप अपने टैलेंट और डिटरमिनेशन के कारण हासिल किया है। निडर होकर अपना क्रिकेट खेलो। यहां से कुछ भी नहीं बदल रहा है। बस अच्छे एटीट्यूड के साथ अपना गेम खेलते रहो और चेहरे पर मुस्कान रखो। हर भारतीय और देश को गौरवान्वित करो। कंग्रॅजुलेशन कैप नंबर 122 वैभव सूर्यवंशी।’ भारत की पहली डेब्यू कैप अमर सिंह को मिली थी दुनिया की पहली टेस्ट डेब्यू कैप 1877 में ऑस्ट्रेलिया के चार्ल्स बैनरमैन को मिली थी। भारत का पहला टेस्ट डेब्यू कैप नंबर-1 अमर सिंह को मिला। उन्होंने 1932 में लॉर्ड्स में इंग्लैंड के खिलाफ भारत के पहले टेस्ट मैच में पदार्पण किया था। डेब्यू कैप का नंबर बताता है कि उस फॉर्मेट में वह खिलाड़ी अपने देश का कितने नंबर का खिलाड़ी है। वैभव इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू करने वाले दूसरे सबसे युवा खिलाड़ी 15 साल 99 दिन के वैभव सूर्यवंशी इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू करने वाले दुनिया के दूसरे सबसे युवा खिलाड़ी बन गए। उनसे आगे सिर्फ पाकिस्तान के हसन रजा हैं, जिन्होंने 1996 में 14 साल 227 दिन की उम्र में जिम्बाब्वे के खिलाफ डेब्यू किया था। भारत की बात करें तो वैभव ने सचिन तेंदुलकर का 37 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया। सचिन ने 1989 में पाकिस्तान के खिलाफ 16 साल 205 दिन की उम्र में इंटरनेशनल डेब्यू किया था। शेफाली वर्मा ने 15 साल 239 दिन की उम्र में भारत के लिए पहला मैच खेला था। वैभव टी-20 डेब्यू पर स्टंप आउट होने वाले पहले भारतीय वैभव ने टी-20 डेब्यू मैच में 10 गेंदों में 14 रन बनाए। इसमें 2 छक्के शामिल रहे। वैभव टी-20 डेब्यू पर स्टंप आउट होने वाले पहले भारतीय बन गए। उन्हें विल जैक्स की गेंद पर जोस बटलर ने स्टंप आउट किया। वैभव ने फील्डिंग में पहला कैच भी पकड़ा। वैभव ने इंटरनेशनल क्रिकेट की सिर्फ तीसरी गेंद पर छक्का जड़ दिया। उन्होंने तीसरे ओवर में जोफ्रा आर्चर की पहली ही गेंद पर सिक्स मारा। यह उनके इंटरनेशनल करियर का पहला छक्का था। वैभव इंटरनेशनल में डेब्यू करने वाले चौथे सबसे युवा खिलाड़ी वैभव इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू करने वाले चौथे सबसे युवा खिलाड़ी बने हैं। महिलाओं में जर्सी की निया चार्लोट ग्रेग सबसे कम उम्र में इंटरनेशनल क्रिकेट खेलने वाली क्रिकेटर हैं। उन्होंने 2019 में 11 साल, 40 दिन की उम्र में पहला टी-20 इंटरनेशनल खेला था। उनके नाम सबसे कम उम्र में इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू का गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड दर्ज है। पुरुषों में रोमानिया के मारियन गेरासिम सबसे कम उम्र में इंटरनेशनल डेब्यू करने वाले पुरुष क्रिकेटर हैं। उन्होंने 2020 में 14 साल और 16 दिन की उम्र में पहला टी-20 इंटरनेशनल खेला था।

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