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एशियन ओपन शॉर्ट ट्रैक स्पीड स्केटिंग ट्रॉफी का अंतिम दिन:26 मेडल के साथ भारत पदक तालिका में सबसे आगे, आज खेले जा रहे 32 मुकाबले


देहरादून स्थित महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स स्थित हिमाद्री आइस रिंक में 17 अगस्त से चल रही ‘एशियन ओपन शॉर्ट ट्रैक स्पीड स्केटिंग ट्रॉफी-2026’ का गुरुवार को आखिरी दिन है। दोपहर करीब ढाई बजे प्रतियोगिता का औपचारिक समापन होगा। अंतिम दिन भी खिलाड़ियों के बीच रफ्तार और रोमांच से भरपूर मुकाबले देखने को मिल रहे हैं। प्रतियोगिता के अंतिम दिन कुल 32 मुकाबले खेले जाएंगे, जिनमें एशिया समेत 14 देशों के स्केटर्स हिस्सा ले रहे हैं। अब तक 17 मुकाबले खेले जा चुके हैं। शॉर्ट ट्रैक स्पीड स्केटिंग ट्रॉफी-2026 के अंतिम दिन के मुकाबलों की PHOTOS…. पदक तालिका में भारत का दबदबा इस बार भारतीय स्केटर्स ने प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए पदक तालिका में अपनी मजबूत स्थिति बनाई है। भारत फिलहाल 26 पदकों के साथ पहले स्थान पर बना हुआ है। पिछले साल भारत इस प्रतियोगिता की पदक तालिका में दूसरे स्थान पर रहा था, लेकिन इस बार घरेलू बर्फ पर भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन और बेहतर नजर आया है। वहीं चीन तीसरे स्थान पर चल रहा है। तीसरे दिन भी भारतीय खिलाड़ियों ने दिखाया दम प्रतियोगिता के तीसरे दिन भारतीय स्केटर्स ने जूनियर से लेकर सीनियर वर्ग तक कई मुकाबलों में शानदार प्रदर्शन किया। खिलाड़ियों ने तेज रफ्तार के साथ बेहतरीन रणनीति का भी प्रदर्शन किया। घरेलू बर्फ और दर्शकों के समर्थन का फायदा उठाते हुए भारतीय स्केटर्स ने कई अहम मुकाबलों में पदक अपने नाम किए। तीसरे दिन के मुकाबलों में कुछ भारतीय खिलाड़ियों ने व्यक्तिगत स्तर पर भी अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दर्ज किया। इससे टीम के आत्मविश्वास को बढ़ावा मिला और भारत पदक तालिका में अपनी बढ़त बनाए रखने में सफल रहा। प्रतियोगिता के आखिरी दिन 32 मुकाबले खेले जाने हैं। इन मुकाबलों के बाद पदक तालिका की अंतिम तस्वीर साफ होगी। इसके साथ ही दोपहर ढाई बजे प्रतियोगिता का औपचारिक समापन किया जाएगा। चार दिनों तक हिमाद्री आइस रिंक में चली इस अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता ने देहरादून को शॉर्ट ट्रैक स्पीड स्केटिंग के बड़े मंच के रूप में भी पहचान दिलाई है। प्रतियोगिता में भारत को एशिया की अनुभवी टीमों से कड़ी चुनौती मिल रही है। चीन, दक्षिण कोरिया, हांगकांग, थाईलैंड, चीनी ताइपे और मंगोलिया के खिलाड़ियों ने भी तेज रफ्तार और शानदार तकनीक का प्रदर्शन किया। यही वजह रही कि कई रेस आखिरी लैप तक बेहद करीबी बनी रहीं। जूनियर सी वर्ग में भारत का दबदबा

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