अफगानिस्तान क्रिकेट टीम के पूर्व तेज गेंदबाज शापूर जादरान का मंगलवार को भारत में निधन हो गया। वे 38 साल के थे और बुधवार को उनका 39वां जन्मदिन था। वे लंबे समय से हेमोफैगोसिटिक लिम्फोहिस्टियोसाइटोसिस (HLH) नाम की दुर्लभ बीमारी से जूझ रहे थे। ग्रेटर नोएडा के एक अस्पताल में इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। बोर्ड ने दी श्रद्धांजलि अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड (ACB) ने सोशल मीडिया पर शापूर जादरान के निधन की पुष्टि करते हुए शोक जताया। बोर्ड ने कहा कि पूर्व तेज गेंदबाज के निधन से अफगान क्रिकेट ने अपना एक अहम खिलाड़ी खो दिया है। उनके निधन की खबर के बाद क्रिकेट जगत में शोक है। अफगानिस्तान क्रिकेट को नई पहचान दिलाने में निभाई बड़ी भूमिका शापूर जादरान अफगानिस्तान के उन शुरुआती खिलाड़ियों में शामिल थे, जिन्होंने देश के क्रिकेट को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने में अहम योगदान दिया। अपनी तेज लेफ्ट आर्म गेंदबाजी और आक्रामक अंदाज के लिए पहचाने जाने वाले शापूर ने 2009 से 2020 के बीच अफगानिस्तान के लिए 80 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले। इनमें 44 वनडे और 36 टी-20 मैच शामिल रहे। उन्होंने अफगानिस्तान को एसोसिएट टीम से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के मुख्य मंच तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। साथ ही टीम के आईसीसी वनडे वर्ल्ड कप और टी-20 वर्ल्ड कप के लिए क्वालिफाई करने में भी उनका योगदान रहा। पिछले साल अक्टूबर से चल रहा था इलाज शापूर के छोटे भाई घमई जादरान के अनुसार, वे पिछले साल अक्टूबर से बीमार थे। अफगानिस्तान के डॉक्टरों की सलाह पर उन्हें बेहतर इलाज के लिए भारत लाया गया था। ग्रेटर नोएडा के अस्पताल में उनका लंबे समय तक इलाज चला। वे हेमोफैगोसिटिक लिम्फोहिस्टियोसाइटोसिस (HLH) बीमारी से पीड़ित थे। इस बीमारी में शरीर का इम्यून सिस्टम जरूरत से ज्यादा सक्रिय होकर शरीर के अंगों को ही नुकसान पहुंचाने लगता है। मई में अस्पताल पहुंचे थे राशिद और नबी इस साल मई में अफगानिस्तान के स्टार क्रिकेटर राशिद खान और मोहम्मद नबी ग्रेटर नोएडा के अस्पताल में शापूर जादरान से मिलने पहुंचे थे। मुलाकात की तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा करते हुए मोहम्मद नबी ने भावुक पोस्ट लिखी थी। उन्होंने अपने पुराने साथी को अस्पताल के बेड पर इस हालत में देखकर दुख जताया था। शापूर जादरान के निधन के बाद उनके पूर्व साथी खिलाड़ियों, अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड के अधिकारियों और दुनिया भर के क्रिकेट प्रेमियों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी है।
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